यहाँ घूमने और दर्शन करने के लिए कई प्रमुख धार्मिक स्थल हैं 👇

🌿 नैमिषारण्य में घूमने की प्रमुख जगहें
1. चक्रतीर्थ (Chakra Tirth)
- नैमिषारण्य का सबसे पवित्र स्थल।
- कहा जाता है कि भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र यहीं पृथ्वी पर गिरा था।
- यहाँ एक गहरी जलकुंड है, जहाँ श्रद्धालु स्नान कर पवित्रता प्राप्त करते हैं।
2. ललिता देवी मंदिर
- 51 शक्तिपीठों में से एक।
- कहा जाता है कि माता सती का हृदय यहीं गिरा था।
- मंदिर की सुंदरता और आस्था दोनों अद्भुत हैं।
3. हनुमान गढ़ी
- भगवान हनुमान को समर्पित यह मंदिर ऊँचाई पर स्थित है।
- यहाँ से नैमिषारण्य का सुंदर दृश्य दिखाई देता है।
4. दशाश्वमेध घाट
- यह गंगा के घाटों जैसा नहीं है, लेकिन यहाँ पवित्र सरोवर के किनारे पूजा और स्नान किया जाता है।
5. व्यास गद्दी
- जहाँ वेदव्यास जी ने महाभारत और अठारह पुराणों की रचना की थी।
- यहाँ एक छोटा मंदिर और ध्यान स्थल है।
6. सूतजी आश्रम (Sutji Ashram)
- जहाँ सूतजी ऋषि ने ऋषियों को भागवत कथा सुनाई थी।
- यह स्थान धार्मिक प्रवचनों के लिए प्रसिद्ध है।
7. दधीचि कुंड
- महर्षि दधीचि ने यहाँ अपनी अस्थियाँ दान की थीं ताकि देवताओं को वज्र बनाने में मदद मिले।
- यह स्थान त्याग और बलिदान का प्रतीक माना जाता है।
8. पांडव किला
- कहा जाता है कि पांडवों ने अपने अज्ञातवास के समय यहाँ कुछ समय बिताया था।
- किला ऐतिहासिक और पुराणिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है।
🌸 अन्य दर्शनीय स्थल
- सुदर्शन आश्रम – शांति और ध्यान का स्थान।
- रामकुंड – धार्मिक स्नान के लिए प्रसिद्ध।
- कैलाश भवन मंदिर – भगवान शिव को समर्पित प्राचीन मंदिर।
🧭 घूमने का सबसे अच्छा समय
- अक्टूबर से मार्च तक का मौसम सबसे सुखद होता है।
- पूर्णिमा और अमावस्या के दिन यहाँ विशेष स्नान और मेला लगता है।


