भारत के उत्तराखंड राज्य में स्थित केदारनाथ धाम भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह चार धाम यात्रा का एक प्रमुख हिस्सा है और समुद्र तल से लगभग 3,583 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहाँ दर्शन करने आते हैं।
अगर आप सोच रहे हैं कि केदारनाथ कैसे जाएँ, तो यहाँ हम पूरी जानकारी साझा कर रहे हैं – रास्ते से लेकर यात्रा के साधन तक।
🚩 केदारनाथ तक पहुँचने के मार्ग (How to Reach Kedarnath)
केदारनाथ तक सीधी सड़क नहीं जाती। अंतिम सड़क मार्ग गौरीकुंड (Gaurikund) तक है। वहाँ से आपको लगभग 16 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई करनी पड़ती है।
1. ✈️ हवाई मार्ग (By Air)

- सबसे नजदीकी हवाई अड्डा: जॉली ग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून (Dehradun)
- दूरी: देहरादून से गौरीकुंड लगभग 238 किमी
- एयरपोर्ट से आप टैक्सी या बस द्वारा ऋषिकेश → श्रीनगर → रुद्रप्रयाग → सोनप्रयाग → गौरीकुंड पहुँच सकते हैं।
- देहरादून या फाटा (Phata) से हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध है।
2. 🚆 रेल मार्ग (By Train)

- सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन:
- ऋषिकेश (Rishikesh) – 221 किमी
- हरिद्वार (Haridwar) – 238 किमी
- देहरादून (Dehradun) – 250 किमी
रेलवे स्टेशन से आप टैक्सी या बस लेकर सोनप्रयाग या गौरीकुंड तक पहुँच सकते हैं।
3. 🚌 सड़क मार्ग (By Road)

केदारनाथ के लिए सड़क मार्ग बहुत सुंदर और रोमांचक है।
उत्तराखंड परिवहन की बसें और निजी टैक्सी हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, कोटद्वार, रुद्रप्रयाग और गौरीकुंड तक नियमित रूप से चलती हैं।
मुख्य मार्ग:
हरिद्वार / ऋषिकेश → देवप्रयाग → श्रीनगर → रुद्रप्रयाग → अगस्त्यमुनि → गुप्तकाशी → सोनप्रयाग → गौरीकुंड → केदारनाथ (पैदल 16 किमी)
🚶♂️ गौरीकुंड से केदारनाथ तक की यात्रा
- पैदल दूरी: लगभग 16 किलोमीटर
- रास्ते के पड़ाव:
गौरीकुंड → जंगलचट्टी → भीमबली → लिनचोली → केदारनाथ - सुविधाएँ: रास्ते में खाने-पीने, टेंट, रुकने की और टट्टू-डोली की व्यवस्था रहती है।
🚁 हेलीकॉप्टर सेवा (Helicopter to Kedarnath)

अगर आप पैदल यात्रा नहीं करना चाहते तो हेलीकॉप्टर से आसानी से पहुँच सकते हैं।
मुख्य हेलीपैड स्थान:
- फाटा (Phata)
- गुप्तकाशी
- सिरसी
बुकिंग के लिए वेबसाइट: https://heliservices.uk.gov.in
हेलीकॉप्टर से मात्र 7–10 मिनट में केदारनाथ पहुँच सकते हैं।
🏨 रुकने और खाने की व्यवस्था
- केदारनाथ, गौरीकुंड और सोनप्रयाग में GMVN (Garhwal Mandal Vikas Nigam) के गेस्ट हाउस और कई निजी होटल उपलब्ध हैं।
- धार्मिक आश्रम और टेंट कॉलोनी भी मिलती हैं।
- भोजन के लिए साधारण उत्तराखंडी खाना और लंगर की व्यवस्था भी रहती है।
🌸 यात्रा का सही समय (Best Time to Visit)
| महीना | मौसम | सुझाव |
|---|---|---|
| अप्रैल–जून | सुहावना, यात्रा के लिए उपयुक्त | ✅ सर्वोत्तम समय |
| जुलाई–अगस्त | बारिश और भूस्खलन की संभावना | ❌ यात्रा टालें |
| सितंबर–अक्टूबर | ठंडा लेकिन साफ मौसम | ✅ अच्छा समय |
ध्यान दें: केदारनाथ मंदिर सर्दियों (नवंबर से अप्रैल) में बंद रहता है।
⚠️ जरूरी टिप्स (Travel Tips)
- मौसम का हाल देखकर ही यात्रा करें।
- गर्म कपड़े, रेनकोट, और ऊनी टोपी जरूर रखें।
- ऊँचाई की वजह से साँस लेने में दिक्कत हो सकती है, धीरे चलें।
- मोबाइल नेटवर्क सीमित रहता है – पहले से परिवार को सूचना दें।
- सोनप्रयाग से आगे निजी वाहन नहीं जाते – सरकार की शटल सेवा लें।

